मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download - PDF World

मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

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Mantra Sadhana Vidhi

यन्त्र साधन

मन्त्र-साधन के विषय में जिन आवश्यक विषयों का उल्लेख किया गया है, यन्त्र-साधन के लिए भी उन सबको ध्यान में रसना एवं तदनुसार प्राचरण करना आवश्यक है । यन्त्र-साधन के लिए निम्नलिखित बातों को श्रौर ध्यान में रखना चाहिए

(१) सर्वप्रथम यन्त्र-गायत्री के मन्त्र द्वारा यन्त्र में प्राण-प्रतिष्ठा करना श्रावश्यक है । यन्त्र गायत्री का मन्त्र इस प्रकार है मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

“राजाय विद्महे महायन्त्राय धीमहि । तन्नो यन्त्रः प्रचोदयात् ।”

इस मन्त्र द्वारा यन्त्र को चारों ओर से वेष्ठित करना चाहिए। फिर सर्वतोभद्र मण्डल में, प्राठों दलों में कलशों की स्थापना कर, उसके ऊपर

यन्त्र को रखना चाहिए। मण्डल के चारों कोनों में चार कलश स्थापित करके प्रत्येक कलश पर हाथ रखकर – मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

“प्रां ह्रीं को।”

इन तीन अक्षरों वाली विद्या में कूचं-बीजों को लगाकर एक हजार बार जप करना चाहिए। फिर उस यन्त्र को चारों कलशों के जल द्वारा, अभिषेक के मन्त्रों से अभिषिक्त कर, गंध पुष्पादि से पूजन कर, प्राण-प्रतिष्ठा के मन्त्रों से यन्त्र में यन्त्र देवता की प्राण-प्रतिष्ठा करके पूर्वोक्त यन्त्र-गायत्री वे द्वारा शोडषोपचार पूजन कर, ब्राह्मण, सुवासिनी तथा कन्याओं को भोजन करना चाहिए तथा उन्हें दक्षिणा देकर भाशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।

तत्पदचात् जिस अङ्ग में यन्त्र को धारण करने का निर्देश किया गया है, उसी धन में यन्त्र को धारण करना चाहिए

(२) जहाँ किसी विशिष्ट वस्तु पर यन्त्र को लिखने का विधान न दिया गया हो, वहाँ यन्त्र को भोजपत्र पर लिखना चाहिए। मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

(३) जहाँ लेखन के लिए किसी विशेष द्रव्य का विधान न हो, वहाँ उसे गोरोचन, कपूर, केशर, कस्तूरीगोरोचन, चन्दन, मगर अथवा गजमद में से किसी भी एक वस्तु के द्वारा लिखना चाहिए।

(४) जहाँ यन्त्र लेखन के लिए किसी विशेष प्रकार की लेखनी (कलम) का उल्लेख न हो, वहाँ सोने की सलाई से लिखना चाहिए।

(५) जहाँ यन्त्र को किसी वस्तु विशेष में भर कर धारण करने का उल्लेख न हो, वहाँ उसे सोने या तांबे के ताबीज में भरकर धारण करना चाहिए। जहाँ मिलोह के ताबीज का उल्लेख हो, वहाँ सोना, चांदी और तौबा’ – इन तीनों घातुओं के मिश्रण से निर्मित ताबीज समझना चाहिए

(६) जहाँ यन्त्र को किसी विशिष्ट अंत में धारण करने का उल्लेख न हो, वहाँ पुरुष को अपने दायीं भुजा तथा स्त्री को अपनी बायीं भुजा में धारण करना चाहिए ।

(७) जिस यन्त्र के साथ जिस मन्त्र के जप का निर्देश किया गया हो, उस मन्त्र का विधिपूर्वक जप करना चाहिए मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

(5) मित्रता के लिए यन्त्र लिखना हो तो मुँह में मिश्री अथवा गाय का भी रखकर लिखें। यदि मारण उच्चाटन के लिए लिखना हो तो सेधा नमक एवं नीम का पत्ता मुंह में रख लें। जिला स्तम्भन के लिए लिखना हो तो मुँह में मोम रखकर लिखें। यदि स्वप्न बन्द करने के लिए लिखना हो तो मुंह में नमक रख लेना चाहिए।

लेखनोपरान्त मित्रता के लिए लिखे गये यन्त्र को अगर, तगर, चन्दन घूरा, गूगल, मिश्री, गाय का घी, शहद, कपूर, दाल चीनी, जायफल एवं मेवा – इन्हें एकत्र करके इन्हीं की धूप देनी चाहिए।

मारण उच्चाटन के लिए लिखे गये यन्त्र को सेंधा नमक तथा नीम के पत्तों की धूप देनी चाहिए। जिल्ला स्तम्भन के लिए लिखे गये यन्त्र को मोम की धूप देनी चाहिए।

स्वप्न बन्द करने के लिए लिये गये यन्त्र को नमक की धूप देनी चाहिए। मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

इस पुस्तक के अगले प्रकरण में सर्वप्रथम यन्त्र-साधन की उल्लेख किया गया है। वशीकरण के प्रतिरिक्त धन्य सभी विषयों से सम्बन्धित शास्त्रीय तथा लोक प्रचलित यन्त्रों का उल्लेख किया गया है। वशीकरण सम्बन्धी यन्त्र, मन्त्र, तन्त्र तथा अन्य विषयों का विस्तृत वर्णन हमारी वशीकरण मोहिनी विद्या (हिप्नोटिज्म) तथा शक्ति चक्र के प्रयोग’ नामक एक अन्य पुस्तक में किया गया है । ग्रतः जो महानुभाव वशीकरण सम्बन्धी यन्त्रादि के प्रयोगों को जानना चाहते हों, उन्हें हमारी उक्त पुस्तक का अध्ययन करना चाहिए।

यंत्र-सिद्धि

यन्त्र -साधन के लिए प्रारम्भिक जानकारी का उल्लेख ‘तान्त्रिक साधन ‘विधि’ नामक पहले प्रकरण में किया जा चुका है। इस प्रकरण में विभिन्न कार्यों की सिद्धि के लिए शास्त्रोक्त तथा लोक प्रचलित यन्त्रों का वर्णन किया जा रहा है।

दूर देशस्थ स्त्री-पुरुष को आकर्षित करने वाला ‘माणिभद्र यन्त्र’

भोजपत्र के ऊपर भागे प्रदर्शित चित्र में दिखाये अनुसार तीन रेखाओं वाले  यन्त्र को, जिस के भीतर पाँच रेखाओं की कल्पना की गई हो, गोरोचन ‘कुकुम तथा लाल चन्दन द्वारा लिखें ।

पहली रेखा में विसर्ग युक्त पाँच ‘स’ कार बीजों को लिखकर अन्त में ‘इ’ कार बीज को लिखें। दूसरी पंक्ति में ‘स:, सः, कों, ह्रीं, कों—इन पाँच बीजों को लिखें । तीसरी पंक्ति में जहाँ ‘राम’ शब्द लिखा है, वहाँ जिस व्यक्ति को भाक

बित करना हो, उसका नाम लिखें। चौथी पंक्ति में ‘ह्रीं को, ह्रीं, फोइन चार बीजों को लिखें । पांचवीं पंक्ति में ‘ह्रीं क्रीं ह्रीं द, र’ – इन पाँच बीजों को लिख कर यन्त्र को संपूर्ण करें । इस प्रकार यन्त्र का जो स्वरूप तय्यार होगा, उसे अगले पृष्ठ पर दिया गया है ।  मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

यन्त्र लिखने के पश्चात् उसका गंध प्रादि से विधिवत् पूजन करें । तत्पश्चात् उसे एक लाल रङ्ग के सूत में बाँध कर रख दें।

घब अपने शरीर के उबटन से एक मनुष्याकार मूर्ति तम्पार करके उस मूर्ति के हृदय में पूर्वोक्त विधि से तय्यार किये गये यन्त्र को रक्खें फिर उसे उबटन से ढक कर तीन दिन तक, तीनों सन्ध्याओं के समय खेर की अग्नि में तपते हुए निम्नलिखित मन्त्र का जप करें

प्रमुकं वेगेन धाकवंय मालिभद्र स्वाहा”

मन्त्र में जिस स्थान पर ‘धमुक’ शब्द आया है, वहां जिस व्यक्ति को “धाकर्षित करना हो, उसके नाम का उच्चारण करना चाहिए मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

शत्रु विशेषण यन्त्र

श्मशान भूमि से लाये गये वस्त्र पर कोऐ के पंख की कलम से, अपने शरीर के रक्त द्वारा एक गोलाकार चक्र खींच कर उस पर दो रेखाघों वाले चार कमल दलों को पूर्व प्रादि चार दिशाओं में स्थापित करें। तत्पश्चात् स गोलाकार चक्र के भीतर चारों दलों में एवं प्रत्येक दल के सन्धि भाग में ‘ह्रीं ॐ ह्रीं’ – इन तीन-तीन बीजों को लिखें । तथा बीजों के नीचे प्रत्येक स्थान पर साध्य व्यक्ति का नाम लिखें। मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Mantra Sadhana Vidhi by rajesh Dikshit Hindi Book PDF free Download

इस प्रकार यन्त्र का जो स्वरूप तय्यार होगा, उसे अगले पृष्ठ पर प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शित यन्त्रों में जिन-जिन स्थानो पर ‘राम’ शब्द लिखा है वहा यहाँ साध्य व्यक्ति का नाम लिखना चाहिए।

यन्त्र लिखने के बाद चकरी के रक्त मिश्रित भात एवं नैवेद्य की दलि बेकर, रात के समय गन्ध पुष्प आदि से यन्त्र तथा गुरु का पूजन करके एक योगिनी को भोजन करायें फिर इस यन्त्र को उदास शिव मन्दिर अथवा श्मशान में स्थापित करें। भूलकर भी इस यन्त्र को न तो घर में स्थापित करें और न घर पर इसका लेखन पूजन यादि ही करें। इस मन्त्र के प्रभाव से शत्र का विद्वेषरण होता है। इसका साधन भी एकान्त में ही करना चाहि.

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